🌿 गौरैया (Sparrow Bird) — हमारे आस-पास की नन्ही चहक
🕊️ परिचय
गौरैया (Sparrow) एक छोटी, चंचल और बेहद प्यारी चिड़िया है जो इंसानी बस्तियों के आसपास रहना पसंद करती है। इसे हिंदी में गौरैया और अंग्रेज़ी में House Sparrow (Passer domesticus) कहा जाता है। कभी यह हर घर की छत, खिड़की या बगीचे में आमतौर पर दिखाई देती थी, लेकिन अब इसकी संख्या तेजी से घट रही है।
🌼 पहचान
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रंग: हल्का भूरा, स्लेटी और सफेद मिश्रण
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आकार: लगभग 14–16 सेंटीमीटर लंबी
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नर गौरैया के सिर पर ग्रे रंग की टोपी जैसी आकृति होती है जबकि मादा का रंग हल्का भूरा होता है।
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चोंच छोटी और मजबूत होती है — जो अनाज के दाने खाने के लिए उपयुक्त है।
🍽️ भोजन
गौरैया मुख्यतः अनाज, बीज, और छोटे कीड़े खाती है। कभी-कभी ये बच्चों के बचे हुए टुकड़े या चावल के दाने भी खा लेती है। शहरों में इनके भोजन के स्रोत कम होते जा रहे हैं, जिससे इनकी संख्या पर असर पड़ा है।
🏡 निवास
गौरैया आमतौर पर घर की छतों, खिड़कियों, या पुराने दीवारों की दरारों में घोंसला बनाती है। ये इंसानों के साथ रहना पसंद करती हैं — शायद इसलिए इसे “House Sparrow” कहा जाता है।
⚠️ गौरैया पर संकट
पिछले कुछ वर्षों में गौरैया की संख्या में भारी कमी आई है। इसके मुख्य कारण हैं:
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तेज़ी से बढ़ता शहरीकरण
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कंक्रीट के घरों में घोंसले के लिए जगह न होना
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मोबाइल टावरों और प्रदूषण का असर
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कीटनाशकों के इस्तेमाल से भोजन का नष्ट होना
🌱 संरक्षण के उपाय
हम सब मिलकर गौरैया को बचा सकते हैं:
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अपने घर या बालकनी में घोंसला बॉक्स लगाएँ।
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उन्हें पानी और दाने उपलब्ध कराएँ।
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बगीचों में रासायनिक कीटनाशक का कम उपयोग करें।
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स्थानीय स्तर पर “Save Sparrow” जैसे अभियानों से जुड़ें।
❤️ निष्कर्ष
गौरैया सिर्फ एक पक्षी नहीं, बल्कि हमारी बचपन की यादों और प्रकृति की सादगी का प्रतीक है। अगर हम थोड़ी सी कोशिश करें, तो फिर से हर सुबह हमारे घरों के आस-पास उनकी मधुर चहचहाहट गूंज सकती है।

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