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डोडो पक्षी का इतिहास: कैसे हुआ दुनिया से ख़त्म? पूरी जानकारी   डोडो पक्षी – विलुप्त होने के बाद भी याद किए जाने वाला पक्षी | परिचय डोडो पक्षी ( Raphus cucullatus ) एक बड़ा, उड़ान-विहीन पक्षी था जो हिंद महासागर के मॉरीशस द्वीप पर पाया जाता था। 17वीं शताब्दी में यह पक्षी पूरी तरह विलुप्त हो गया। इसके समाप्त हो जाने के बावजूद आज भी वैज्ञानिक, इतिहासकार और प्रकृति प्रेमी डोडो पर शोध करते हैं। इस ब्लॉग में हम डोडो पक्षी का इतिहास, विशेषताएँ, पर्यावरण, विलुप्ति और रोचक तथ्य जानेंगे। डोडो पक्षी कैसा दिखता था? डोडो की लंबाई लगभग 1 मीटर होती थी। वजन 10–18 किलोग्राम के बीच माना गया है। इसके छोटे पंख , मोटी टांगे , और मुड़ी हुई मजबूत चोंच थी। शरीर पर धूसर-सफेद पंख और पीछे छोटी पूंछ जैसी संरचना होती थी। उड़ान की आवश्यकता न होने के कारण समय के साथ डोडो ने उड़ने की क्षमता खो दी थी। आवास और जीवनशैली डोडो केवल मॉरीशस द्वीप पर पाया जाता था। वहां कोई प्राकृतिक शिकारी नहीं थे, इसलिए यह जमीन पर खाता-पीता और घोंसला बनाता था। इनका मुख्य भोजन था: गिरे हुए फल बीज और मेवे छोटे जीव-...
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 “Eagle Bird in Hindi: ईगल पक्षी के बारे में पूरी जानकारी” 🦅 ईगल (Eagle) – आसमान का राजा ईगल, जिसे हिंदी में गरुड़ या चील भी कहा जाता है, एक ऐसा पक्षी है जो शक्ति, साहस और स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है। यह पक्षी अपनी तेज़ नज़र, विशाल पंखों और ऊँची उड़ान के लिए प्रसिद्ध है। ईगल की लगभग 60 से अधिक प्रजातियाँ विश्वभर में पाई जाती हैं। 🌍 ईगल का निवास स्थान ईगल ज़्यादातर पहाड़ी इलाकों, घने जंगलों, नदी किनारों और खुले मैदानों में पाए जाते हैं। इन्हें ऊँचाई बहुत पसंद होती है, इसलिए ये अपने घोंसले बड़े-बड़े पेड़ों या चट्टानों की ऊँचाई पर बनाते हैं। कुछ प्रमुख स्थान जहाँ ईगल पाए जाते हैं — उत्तर अमेरिका (Bald Eagle) अफ्रीका (African Fish Eagle) भारत (Golden Eagle, Steppe Eagle) 👁️‍🗨️ ईगल की विशेषताएँ तेज़ दृष्टि (Sharp Vision): ईगल की आँखें इतनी तेज़ होती हैं कि यह कई किलोमीटर दूर से भी शिकार देख सकता है। मजबूत पंजे: इनके पंजे बहुत शक्तिशाली होते हैं जो बड़े-से-बड़े शिकार को पकड़ सकते हैं। ऊँची उड़ान: ईगल लगभग 10,000 फीट की ऊँचाई तक उड़ सकता है। शिकार करने...
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  🌿 गौरैया (Sparrow Bird) — हमारे आस-पास की नन्ही चहक 🕊️ परिचय गौरैया (Sparrow) एक छोटी, चंचल और बेहद प्यारी चिड़िया है जो इंसानी बस्तियों के आसपास रहना पसंद करती है। इसे हिंदी में गौरैया और अंग्रेज़ी में House Sparrow (Passer domesticus) कहा जाता है। कभी यह हर घर की छत, खिड़की या बगीचे में आमतौर पर दिखाई देती थी, लेकिन अब इसकी संख्या तेजी से घट रही है। 🌼 पहचान रंग: हल्का भूरा, स्लेटी और सफेद मिश्रण आकार: लगभग 14–16 सेंटीमीटर लंबी नर गौरैया के सिर पर ग्रे रंग की टोपी जैसी आकृति होती है जबकि मादा का रंग हल्का भूरा होता है। चोंच छोटी और मजबूत होती है — जो अनाज के दाने खाने के लिए उपयुक्त है। 🍽️ भोजन गौरैया मुख्यतः अनाज, बीज, और छोटे कीड़े खाती है। कभी-कभी ये बच्चों के बचे हुए टुकड़े या चावल के दाने भी खा लेती है। शहरों में इनके भोजन के स्रोत कम होते जा रहे हैं, जिससे इनकी संख्या पर असर पड़ा है। 🏡 निवास गौरैया आमतौर पर घर की छतों, खिड़कियों, या पुराने दीवारों की दरारों में घोंसला बनाती है। ये इंसानों के साथ रहना पसंद करती हैं — शायद इसलिए इसे “House Sparrow” कहा ...